DUKHI MAN

बहुत समझाया उसे

पर मन उसका चंचल है

नहीं समझ उसे अभी

जा रहा वो गलत राह है

बस में नही वो खुद के 

किसी की सुनता भी नही है 

इसी चिंता से आज

दु:खी हुआ बेचारा मेरा मन है।

Comments

Popular posts from this blog

SUCCHI CHAHAT

SIRF TERI

PYAR PAR KAFAN