Dil ki pukar
प्यार के नौका पर होके सवार
करती रिश्तों के सागर को पार
सांझ ढ़लते ही याद आता है यार
मिले मनमीत
मुझे बस उसका इंतजार
ये चाहत मेरी
और दिल की है पुकार
तुम आओ पास
मेरे सरकार।
स्वरचित
सीमा मूथा "जोशी"
जोधपुर राजस्थान
प्यार के नौका पर होके सवार
करती रिश्तों के सागर को पार
मिले मनमीत
मुझे बस उसका इंतजार
ये चाहत मेरी
तुम आओ पास
स्वरचित
सीमा मूथा "जोशी"
जोधपुर राजस्थान
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