Chhod na jao

 तुम जा रहे हो 

क्यो 

मुझसे बिना मिले ही 

नही चाहते ना

मेरी शक्ल देखना

क्या गलती हुई मुझसे

बस यही ना

दिल मे जगह 

तुम्हारे अलावा किसी को नही दी 

बरसो बरस से तुमको ही 

सिंहासन पर बैठाया रखा

मत जाओ छोड़ मुझे 

एक बार फिर कह रही 

रुक जाओ ना

यहां राज तुम्हारा है 

और तुम्हारा ही रहेगा

एक बार तो मुझसे मिलने आओ 

ना आओ तो 

दूर से ही 

बस अपनी नज़रे 

मुझ पर डाल दो

मैं जानती हूं 

और विश्वास भी है 

कि तुम रुक जाओगे 

मुझे अकेला छोड़ नही जाओगे।

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